क्या आप जानते है कि गोल्ड जूलरी खरीदते समय किन छोटी-छोटी बातों का विशेष ध्यान रखें ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सकें। सोने की शुद्धता और विश्वसनीयता के लिए हॉलमार्क मुहर वाले ही गहने खरीदें। हॉलमार्क जूलरी भले ही पहली नजर में महगीं लगे, लेकिन इसे लेना हमेशा फायदें का सौदा होता है। केन्द्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैडड्रर्स (बीआईएस) हॉलमार्क के आवंटन और उस पर निगरानी रखने वाली रेगुलेटरी बॉडी है। भारत में सन् 2000 से जूलरी पर हॉलमार्क लगाने का काम शुरु हुआ।
जूलरी खरीदनें से पहले हॉलमार्क के ये पॉच निशान जरुर देख लें-
- बीआईएस का लोगो।
- सोने की शुद्धता वाला नंबर, जैसे कि- नंबर 958- 23 कैरट के लिए होता है, उसी तरह नंबर 916- 22 कैरट, 875- 21 कैरट, 750- 18 कैरट, 708- 17 कैरट, 585 14 कैरट, और 375- 9 कैरट के लिए होता है। 22 कैरट की जूलरी सबसे अच्छी मानी जाती है।
- परख एंव हॉलमार्क करने वाले केन्द्र का लोगो ।
- हॉलमार्क करने का वर्ष, जैसे कि- 2000 के लिए-A, 2001 –B, 2011- L होगा ।
- आभूषण विके्ता का पहचान लोगो ।
नकली हॉलमार्क के अलावा आधे अधूरे हॉलमार्क वाली जूलरी न खरीदें। साथ ही कैश मीमो अवश्य ले, और अगर गोल्ड जूलरी में हॉलमार्क को लेकर शक हो तो इसकी शिकायत बीआईएस को इस पते पर कर सकते है-
भारतीय मानक ब्यूरो,
मानक भवन, 9 बहादुर शाह जफ़र मार्ग, नई दिल्ली- 11002
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