Category: चर्चित केस

  • राजा रधुवंशी हत्याकांड़ (इंदौर)

    राजा रधुवंशी हत्याकांड़ (इंदौर)

    मध्यप्रदेश इंदौर । इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी 29 वर्षीय राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) और उनकी पत्नी सोनम (Sonam Raghuvanshi) 23 मई को शिलांग के सोहर में एक होम स्टे से निकलने के कुछ घंटे बाद ही लापता हो गए थे। राजा का शव 2 जून को वहां से 20 किलोमीटर दूर खाई में मिला था। उनकी शादी 11 मई 2025 को हुई थी और वह 20 मई को इंदौर (Indore) से हनीमून के लिए रवाना हुए थे।

    ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या में शामिल चार हमलावरों को पकड़ लिया गया है। मेघालय पुलिस के डीजीपी डीजीपी लॉन्ग रंग ने बताया कि इनमें राज सिंह कुशवाहा 21 वर्षीय, विशाल सिंह चौहान 22 वर्षीय, आनंद कर्मी 23 वर्षीय को मध्य प्रदेश से पकड़ा गया है एक आरोपी आकाश राजपूत को ललितपुर से पकड़ा गया।

    पुलिस ने राज कुशवाहा से सोनम का आमना सामना कराया। इस दौरान खून से सनी जैकेट सोनम का रेनकोट और अन्य सबूत सामने रखे गए। पुलिस ने इन सबूत के बारे में सोनम से कई सवाल किया जिससे सोनम टूट गई और उसने खुद को मामले में शामिल बताया।

    सोनम के भाई गोविंद ने कहा कि सोनम को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। सोनम को 9 जून को गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था।

  • एक था मुख्तार अंसारी।

    एक था मुख्तार अंसारी।

    28 मार्च 2024 गुरुवार की शाम बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) (61) को हार्ट अटैक आने पर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। करीब तीन घंटे इलाज के बाद उसकी मौत की अधिकृत घोषणा मेडिकल बुलेटिन में की गई।

    शुक्रवार को पांच ड़ॉक्टरो के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच यूसुफपुर स्थित पैतृक आवास के पास कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। मुख्तार का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी पिता के जनाजे में शामिल नही हो सका। अब्बास आपराधिक मामलों मे कासगंज की जेल में निरुद्ध है, उसने हाईकोर्ट में जनाजे में शामिल होने के लिए अनुमति देने की अपील की थी लेकिन सुनवाई नही हो सकी। मुख्तार अंसारी को 7 अप्रैल 2021 को बुलेटप्रुफ जैकेट पहनाकर पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा जेल लाया गया था।

    मुख्तार अंसारी का खौफ पूर्वाचल से लेकर लखनऊ और रेलवे के टेंडर, बीमा कंम्पनियों, विवादित जमीनों का कब्जा से लेकर वसूली तक था। भाजपा के कृष्णा नंद राय हत्याकांड में भी मुख्तार का नाम आया था। मुख्तार अंसारी 1996 में पहली बार मऊ से विधायक बना। फिर 2017 तक लगातार विधायक रहा। मुख्तार को गैगेस्टर, हत्या आदि के मामलों में अदालत से सजा सुनाई जा चुकी थी।

    मुख्तार अंसारी के दाहिना हाथ की 8 जुलाई 2018 बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी। और 2023 में पुराना हाईकोर्ट परिसर में मुख्तार के बेहद करीबी शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या कर दी गई थी जिससे उसकी नींद ही उड़ गई थी।

  • हापुड़ पुलिस-वकील विवाद

    हापुड़ पुलिस-वकील विवाद

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले का 25 अगस्त 2023 शुक्रवार को महिला अधिवक्ता और एक पुलिस कर्मी के बीच विवाद का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें महिला अधिवक्ता के द्धारा पुलिसकर्मी की नेमप्लेट नोचनें की बात आई थी। हापुड़ पुलिस ने महिला अधिवक्ता और तीन अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 29 अगस्त 2023 मंगलवार को वकील शांतिपूर्ण तरीके से हापुड़ कोतवाली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, विवाद बढता देख पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को तितर बितर कर दिया था। जिसमें कई वकील चोटिल हो गए थे। वकीलों की मांग थी कि दोषी पुलिस वालों पर कार्यवाही की जायें।

    वकीलों ने पुलिस पर दबाब बनाने के लिए हडताल कर दी, तो दूसरी तरफ पुलिस ने वकीलों पर मुकदमें दर्ज कर दिये। इस घटना को लेकर प्रदेश भर के वकील हडताल पर रहे और  जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा। मुख्यमंत्री ने जांच के लिए एक एसआईटी का गठन भी किया था। हापुड़ जिले में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में कई पुलिस अफसरों पर गाज गिरी थी।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अपनी कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर सतेन्द्र प्रकाश और सीओ हापुड अशोक सिसोदिया समेत 50 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया। इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 , 323 , 504, 506 , 308, 354 , 392 में मुकदमा दर्ज हुआ। बरेली जिले के अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रहे राजकुमार को अपर पुलिस अधीक्षक हापुड़ बनाया गया । एसीपी हापुड़ रहे मुकेश चंद्र मिश्र को अपर पुलिस अधीक्षक बरेली ग्रामीण की जिम्मेदारी सौंपी गई। अशोक कुमार सिसौदिया की पुलिस उपाधीक्षक सहारनपुर के पद पर नियुक्ति की गई था। वहीं सहारनपुर के पुलिस उपाधीक्षक पद पर तैनात रहे जितेंद्र कुमार शर्मा को पुलिस उपाधीक्षक हापुड़ बनाया गया। मुख्य सचिव समेत उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की थी।

  • छावला गैंगरेप कांड (दिल्ली)

    छावला गैंगरेप कांड (दिल्ली)

    9 फरवरी 2012 को दिल्ली के छावला (Chhawala Gang Rape Case) इलाके से उत्तराखंड की 19 वर्षीय युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। युवती गुरुग्राम के साइबर सिटी इलाके में काम करती थी। उस रात वह अपने दफ्तर से कुतुब विहार स्थित अपने घर लौट रही थी। घर के पास से ही कार सवार तीन लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था तीन दिन बाद उसका शव हरियाणा के रेवाडी में मिला।

    पुलिस ने इस मामले में रवि कुमार, राहुल और विनोद को आरोपी बनाया था। इनके खिलाफ आईपीसी (Indian Penal Code) की धारा 376 (2), 302, 363 और 201 के तहत आरोप दर्ज किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने इस केस को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर (Rarest of the rare case) केस बताते हुए फांसी की मांग की थी।

    साल 2014 में निचली अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। आरोपियों की दया याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। 7 अप्रैल 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की सुनवाई करते हुए कहा था कि भावनाओं के आधार पर सजा नही दी जा सकती, सजा तर्क और सबुतों के आधार पर दी जाती है। 7 नवंबर 2022 को मुख्य न्यायधीश यूयू ललित , न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की पीठ ने तीनों आरोपियों कि बरी कर दिया। पीठ ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी, उनकी पहचान, आपत्तिजनक साम्रगियां मिलने, कार की पहचान, नमूने एकत्र करने, चिकित्सकीय और वैज्ञानिक साक्ष्य, डीएनए प्रोफाइलिंग रिपोर्ट, सीडीआर से संबंधित साक्ष्य आदि को अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट सबूतों के जरिये साबित नही किया।

  • श्रीकांत त्यागी  केस (नोएड़ा)

    श्रीकांत त्यागी केस (नोएड़ा)

    नोएड़ा सेक्टर 93-बी की ओमैक्स ग्रैंड सोसायटी (Omax Grand Society) में एक महिला ने नियमों के विरुद्ध पेड़ लगाने पर आपत्ति की थी। महिला ने पौधे लगाकर जमीन कब्जाने का आरोप भी लगाया था। इसी दौरान श्रीकांत त्यागी (Shrikant Tyagi) ने महिला के साथ गाली गलौच की और महिला को धक्का भी दिया था, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ था। सासंद महेश शर्मा (Mahesh Sharma) की पहल पर पुलिस ने ऐक्शन लिया था, और श्रीकांत के फ्लैट के अवैध अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया गया था।

    गौतमबुद्ध नगर फेस 2 की थाना पुलिस ने आरोपी श्रीकांत की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था, सोसाइटी के अंदर बवाल करने के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी का धारा 147, 447, 504, 506, 323, 419, 34, 120B, 332 353 और आपराधिक कानून अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत केस दर्ज किये गये थे।

    9 अगस्त 2022 को पुलिस ने श्रीकांत त्यागी को मेरठ परतापुर से गिरफ्तार दिखाया था। मीडिया में छाने के बाद और त्यागी समाज से जुड़ने के बाद इस केस का राजनीतिकरण हो गया था। मुजफ्फरनगर जिले के कुतुबपुर गांव के निवासी किसान नेता मांगेराम त्यागी का सासंद महेश शर्मा के साथ बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया मे वायरल हो गया था।

  • सोनाली फोगाट हत्याकांड़ ।

    सोनाली फोगाट हत्याकांड़ ।

    22 अगस्त 2022 को उत्तरी गोवा में (North Goa) बीजेपी नेता और टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट (Sonali Fogat) की मौत हो गई थी। सोनाली के परिवार ने सुधीर सांगवान और सुखविदंर पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस जांच मे पता चला कि आरोपियों ने सोनाली को ड्रग्स (Drugs) की ओवर ड़ोज दी थी।

    इस मामले में गोवा पुलिस ने सोनाली के पीए सुधीर और सुखविंदर को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को शक है कि हत्याकांड के पीछे पैसे और प्रापर्टी का विवाद हो सकता है। इसी जांच से लिए गोवा पुलिस हरियाणा सोनाली के घर भी छानबीन के लिए आई थी। परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है।

  • मुजफ्फरनगर कवाल कांड (मुजफ्फरनगर दंगा)।

    मुजफ्फरनगर कवाल कांड (मुजफ्फरनगर दंगा)।

    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के जानसठ क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मलिकपुरा मजरा के सचिन और गौरव से हुई कहासुनी और मारपीट में गांव कवाल के शाहनवाज की मौत हो गई थी। गुस्साई भीड़ ने बाजार के चौराहे पर सचिव व गौरव की हत्या कर दी थी। इसके बाद गांव के ही सरफराज के मकान में खड़ी कार में लोगों ने आग लगा दी थी।

    सचिन और गौरव की हत्या के बाद मुजफ्फरनगर जिले में दंगा भड़का था और इस दंगे में ऑन रिकार्ड 57 लोगों की मौत हुई थी। 18 सौ से अधिक परिवार इस दंगे में प्रभावित हुए। दंगे के बाद प्रदेश और देश की सियासत में जबरदस्त भूचाल आ गया। प्रदेश और केंद्र की सरकार इस दंगे से हिल गई थी और तमाम नेता मुजफ्फरनगर पहुंचे थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत तमाम दिग्गज मुजफ्फरनगर के दौरे पर आए थे और विपक्षी दलों ने प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए घेरा था।

    मुजफ्फरनगर दंगा कब क्या हुआ:
    28 अगस्त, 2013 को गांव के चौकीदार इश्त्याक की ओर से विक्रम सैनी और राकेश सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने जांच के बाद विक्रम सैनी, राकेश सैनी, टीकम, दीपक, रवि, सोनू, पवन, जगपाल, रामकिशन, अंकित, विपिन और ईश्वर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 2017 में विक्रम सैनी भाजपा के खतौली से विधायक बन गये, विधायक बन जाने के बाद मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में हुई। न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने साक्ष्यों के अभाव में विधायक समेत अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता भारतवीर अहलावत और जीएस सैनी ने पैरवी की थी।

    अपर सत्र न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने अभियुक्त मुजम्ममिल उर्फ बिल्ला, मुजस्सिम, फुरकान, जहांगीर, नदीम, अफजाल, इकबाल को आईपीसी की धारा 302/149 में उम्रकैद और प्रत्येक पर दो लाख रुपये अर्थदंड लगाया। साथ ही धारा 147 में दो वर्ष की कैद व दो हजार रुपये अर्थदंड, धारा 148 में तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा 506 में पांच साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थिक दंड की धनराशि से 80 प्रतिशत राशि गौरव और सचिन के परिजनों को देने के आदेश भी दिए।

    अभियुक्तों पक्ष की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर अली ने की और वादी रविंद्र सिंह की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल जिंदल ने की।

  • रोहिणी कोर्ट धमाका (दिल्ली)

    रोहिणी कोर्ट धमाका (दिल्ली)

    9 दिसंबर 2021 दिल्ली की रोहिणी कोर्ट के अंदर एक टिफिन में देशी बम से कोर्ट के रूम नंबर 102 में धमाका होने से हड़कंप मच गया था। कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कोर्ट नंबर-102 में उस दिन के लगे केस, धमाका करने के लिए इस्तेमाल काले रंग का बैग, वारदात के दौरान पहनी गई वकील की ड्रेस और बम धमाके से जुड़ा अन्य मटीरियल जब्त कर आरोपी भारत भूषण को पकड़ लिया गया। तफ्तीश में पता लगा कि आरोपी कोर्ट में अपने साथ दो बैग लेकर आया था, जिनमें से एक में बम था। आरोपी सुबह 9:33 बजे कोर्ट परिसर में एंट्री करते और धमाके के बाद 10:35 बजे परिसर से बाहर निकलते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। आरोपी 47 वर्षीय भरत भूषण कटारिया (Bharat Bhushan Kataria) DRDO (Defence Research and Development Organisation) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक है।

    पुलिस के अनुसार, कटारिया ने अपने पड़ोसी की जान लेने की मंशा से 9 दिसंबर को रोहिणी कोर्ट के अंदर एक टिफिन में देशी बम से धमाका किया क्योंकि उनके पड़ोसी ने उनके विरूद्ध कई मामले दर्ज करा रखे थे और उस दिन वह अदालत परिसर में मौजूद था। कोर्ट नंबर 102 में आरोपी का भी केस लगा हुआ था। आरोपी से दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने पूछताछ की थी। भरत भूषण कटारिया ने पुलिस हिरासत में शौचालय में हैंडवाश निगलकर कथित रूप से खुदकुशी की कोशिश की थी।

  • पीलीभीत का सिख संहार केस (पीलीभीत)

    पीलीभीत का सिख संहार केस (पीलीभीत)

    12 जुलाई 1991 को विभिन्न तीर्थ स्थलों से सिख यात्रियों का जत्था लौट रहा था। यूपी 26-0245 बस नंबर पर 25 तीर्थ यात्री सवार थे। दोपहर लगभग 11 बजे जिले के कछालाघाट पुल के पास पुलिस ने यात्रियों से भरी यह बस रोकी और 12 यात्रियों को उतार लिया। उसके बाद तीन थानाओं की टीम बनाकर पुलिस 4-4 यात्रियों को साथ ले गई। उसके बाद फर्जी एनकाउंटर किया गया। फिर इस मामले में फर्जी एफआईआर दर्ज की गई। जिन यात्रियों को मारा उन पर अवैध असलहों से पुलिस पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया।

    पुलिस ने जिन तीर्थ यात्रियों को मारा उन्हें आतंकवादी बताया था। सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट आरएस लोढ़ी ने इस मामले में एक पीआईएल दायर की। कोर्ट ने 15 मई 1992 को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई ने मामले की जांच करके कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। उस समय मामले में 57 पुलिस कर्मियों को दोषी पाया गया था। इनमें से 2 पुलिकर्मियों की मौत हो जाने के कारण 55 पुलिकर्मियों पर मुकदमा चला। कोर्ट में मामला चलने के दौरान 8 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई। जिससे 57 दोषियों में से 47 को शुक्रवार को सजा सुनाई गई। कोर्ट ने सभी को आईपीसी की धारा 120 बी, 302, 364, 365, 218, 117 में दोषी पाया है। सीबीआई कोर्ट के विशेष जज लल्लू सिंह ने आरोपी प्रत्येक इंस्पेक्टर पर 11-11 लाख, एसआई पर आठ-आठ लाख और सिपाहियों पर 2.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। किसी फर्जी मुठभेड़ कांड में एक साथ इतने पुलिस वालों को उम्रकैद की सजा देने का यह पहला मामला है।

  • एसआई खुदकुशी केस (दिल्ली)

    एसआई खुदकुशी केस (दिल्ली)

    17 जनवरी 2016 दिल्ली पुलिस के 2008 बैच के एसआई बिजेंद्र (35) ने रविवार सुबह 11:40 बजे द्वारका सेक्टर 4 के डीडीए पार्क में अपनी गर्लफ्रेंड निक्की चौहान (25) को बुलाकर अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोलियां मार कर उसका मर्डर कर दिया था। निक्की की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बिजेंद्र की मौत एम्स ट्रॉमा सेंटर में रविवार दोपहर बाद 4:30 बजे हो गई थी। बिजेंद्र बिश्नोई वेस्ट दिल्ली के रनहोला थाने में सब इंस्पेक्टर थे।

    बिजेंद्र की पैंट से डॉक्टर को पर्स में एक स्यूसाइड नोट रखा हुआ मिला था। बिजेंद्र ने इस नोट में निक्की की वजह से मिल रही यातना के बारे में लिखा है। उसके मुताबिक, निक्की से उसके संबंध 2010 में बने थे और उसके बाद वह परेशान रहने लगा था। स्यूसाइड नोट में बिजेंद्र ने निक्की पर एक्सटॉर्शन का इल्जाम लगाया है। उसके मुताबिक, निक्की ने उसके खिलाफ कंप्लेंट देकर उससे पांच लाख रुपये वसूले थे। यह रकम लेकर उसने कंप्लेंट वापस ले ली थी, लेकिन कुछ दिनों बाद उसने और रकम की डिमांड करना शुरू कर दिया था। अब वह 10 लाख रुपये की डिमांड कर रही थी। इस रकम के लिए निक्की उसे लगातार परेशान करती रही।

    एसआई ने स्यूसाइड नोट में लिखा है कि इस वजह से वह अपनी ड्यूटी पर ध्यान नहीं दे पा रहा था। मेरी फैमिली लाइफ भी डिस्टर्ब हो रही थी। इन कारणों से मैं डिप्रेशन में रहने लगा था। एसआई ने निक्की पर यह इल्जाम भी लगाया है कि ‘उसके संबंध मेरे अलावा और भी कई लोगों के साथ थे। एसआई ने लिखा है कि इन्हीं सब कारणों से वह अब जीवित रहना नहीं चाहता। उसने अपनी मां, पत्नी और दोनों बच्चों के बारे में लिखते हुए अपने परिवार से माफी मांगी है। यह स्यूसाइड नोट द्वारका नॉर्थ थाने की पुलिस ने केस फाइल में रख लिया है। बिजेंद्र के खिलाफ मर्डर और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एकमात्र मुलजिम की मौत होने की वजह से यह केस कोर्ट में चार्ज अबेटिड के तौर पर पेश किया जाएगा।