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  • मुकदमा झूठा निकला, महिला पर होगी एफआईआर ।

    मुकदमा झूठा निकला, महिला पर होगी एफआईआर ।

    दिल्ली कडकडडूमा कोर्ट । 26 साल की शादी-शुदा महिला जो कि फर्श बाजार इलाके में रहती है। महिला का आरोप है कि 10 जनवरी 2019 को नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाया गया था इसके बाद दो लोगों पर बंधक बनाकर और नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर गैंगरेप का आरोप लगाया था।

    महिला थाने में लिखित शिकायत के बाद उसका हेडगेवार हॉस्पिटल में मेडिकल कराया गया था। मैजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में सरकारी पक्ष दोनों आरोपियों पर गैंगरेप सहित किसी भी आरोप को साबित नही कर पाया। आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। अदालत ने गैंगरेप का झूठा मामला दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया है।

  • मीडिया भी रेप पीड़िता की पहचान जाहिर नही कर सकता- कोर्ट

    मीडिया भी रेप पीड़िता की पहचान जाहिर नही कर सकता- कोर्ट

    नई दिल्ली। क्या आप जानते है कि रेप पीड़िता की पहचान को जाहिर नही किया जा करता है। आईपीसी की धारा 228ए के अनुसार रेप पीड़िता की पहचान को उजागर नही किया जा सकता है। मीडिया को भी इस कानून का पालन करते हुए पीड़िता की पहचान गुप्त रखना होगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रेप पीड़िता की पहचान को गुप्त रखना होगा और कोई काल्पनिक नाम से ही संबोदित किया जायेगा। क्योंकि रेप पीड़िता ने न सिर्फ मानसिक यातना सही है बल्कि उसे भेदभाव का भी शिकार होना पड़ता है। मीडिया में पहचान उजागर करने पर सजा का प्रावधान भी है।    

    Tags: सुप्रीम कोर्ट  आदेश । Supreme Court Order ।  रेप पीड़िता । Rape Victim । पहचान । Identity

  • देश भर के थानों में CCTV कैमरे लगाये: सुप्रीम कोर्ट

    देश भर के थानों में CCTV कैमरे लगाये: सुप्रीम कोर्ट

    2 दिसंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के थानों में CCTV कैमरे लगाने का निर्देश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनच्छेद 21 के तहत दिए गए जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए ऐसा किया जा रहा है। थानाध्यक्ष डेटा और CCTV के रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगें, और इन रिकॉर्डिंगों को 18 महीने तक रखना होगा।

    न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की अगुवाई वाली पीठ ने केन्द्र सरकार को निर्देश दिया है कि सभी जांच एजेंसियों केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED), नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (NCB), राजस्व खुफिया विभाग (DRI) और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO)  आदि के दफ्तरों मे भी  CCTV लगाए जाए।

  • पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड (गाजियाबाद, उ.प्र.)

    पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड (गाजियाबाद, उ.प्र.)

    20 जुलाई 2020 को पत्रकार विक्रम जोशी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। विक्रम जोशी की भानजी के साथ कुछ बदमाश छेड़खानी कर रहे थे, विक्रम ने छेडखानी करने वालों के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। तहरीर देने से नाराज बदमाशों ने बीती रात विक्रम को गोली मार दी। गोली विक्रम के सिर में लगी, गंभीर हालात में उन्हें गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां  उनकी मौत हो गई थी। ये पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में क़ैद हुई थी।

    पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। पत्रकार हत्याकांड के आरोपी आकाश बिहारी पर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। गाज़ियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि विक्रम जोशी पर जानलेवा हमले के आरोप में 972/20 अंतर्गत धारा आईपीसी 307, 34,506 दर्ज कर 10 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई। और चौकी इंचार्ज एसआई राघवेंद्र को तत्काल निलंबित कर दिया गया ।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवारवालों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया था। केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने पत्रकार विक्रम जोशी के परिवार को 10 लाख रुपये का चेक सौंप दिया।

  • विक्रम त्यागी अपहरण केस (गाजियाबाद उ.प्र.)

    26 जून 2020 को कंस्ट्रकशन कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विक्रम त्यागी का इनोवा कार के साथ पटेलनगर गाजियावाद ऑफिस से घर लौटते समय लापता हो गए थें। 27 जून को उनके चचेरे भाई अक्षय त्यागी ने थाना सिहानी गेट में उनके  अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। विक्रम राजनगर एक्सटेंशन की केडीपी ग्रैंड सवाना सोसायटी में पत्नी निधि, बेटा व बेटी के साथ रहते है।

    विक्रम की कार तितावी मुजफ्फरनगर में मिली थी। जिसमें खून के धब्बे मिले थें, डीएनए रिपोर्ट से विक्रम का ही खून होने की पुष्टि हुई। गाजियाबाद के सिहानी गेट की मोरटा चौकी प्रभारी रहे दारोगा योगेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया गया  क्योंकि कारोबारी विक्रम त्यागी का अपहरण उनके कार्यक्षेत्र में हुआ था। 

    उ.प्र. शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच यूपी एसटीएफ को स्थानांतरित कर दी है। पुलिस ने विक्रम के बारे में जानकारी देने वाले को 50 हजार के इनाम की घोषणा की है।

  • फोन हैक कर साइबर ठगों ने खाते से उड़ाए 24.36 लाख ।

    फोन हैक कर साइबर ठगों ने खाते से उड़ाए 24.36 लाख ।

    मथुरा। लॉकडाउन में भी साइबर ठगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। थाना वृन्दावन क्षेत्र में एक व्यक्ति के फोन को हैक कर साइबर अपराधियों ने उसके खाते से 24 लाख से ज्यादा की रकम पार कर दी। अब पीड़ित ने अपने साथ हुई इस घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है। पुलिस मामले को जांच में जुट गई है।

    जानकारी के मुताबिक थाना क्षेत्र के बिहारीपुरा निवासी कमल गोस्वामी के मोबाइल पर 28 अप्रैल को सिम अपडेट संबंधी एक मैसेज आया जिसमें यस या नो में से एक ऑप्शन पर क्लिक करने को कहा गया था। इसके बाद 29 अप्रैल को अचानक उनका मोबाइल हैंग हो गया और 29 अप्रैल से 2 मई के बीच उनके ICICI बैंक के खाते से कई बार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हुए और पैसा मुम्बई, ग्वालियर, झारखंड सहित कई प्रदेशों के अलग- अलग खातों में ट्रांसफर हो गया। हैंक हुए फोन को ठीक कराने के बाद 5 मई को जब पीड़ित ने बैंक जाकर अपने खाते की डिटेल चेक की तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित के बेटे अंशुल गोस्वामी ने बताया कि उनके पिता के खाते से 24 लाख 36 हजार 365 रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई और उनके अकाउंट में केवल 150 रुपये ही बचे।

    Reference:  नवभारत टाइम्स, 8 मई 2020, पेज 2

  • झगड़े में पत्नी की काटी गर्दन, थाने में कबूला जुर्म।

    झगड़े में पत्नी की काटी गर्दन, थाने में कबूला जुर्म।

    पानीपत। सोनीपत में गोहाना के एक गांव में शनिवार को घर में हुए झगड़े के बाद पति ने पत्नी की तेज धारदार हथियार से गर्दन काटकर हत्या कर दी। गर्दन काटने के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपनी पत्नी की हत्या का जुर्म कबूल किया। आरोपी ने खुद ही घटना की पूरी जानकारी एसएचओ को दी। हरियाणा पुलिस ने आरोपी के घर जाकर शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी संदीप और उसकी पत्नी में पिछले कई महीनों से अनबन चल रही थी। दोनों लगातार एक-दूसरे से झगड़ा करते थे। शनिवार की रात दोनों में हुए झगड़े ने भीषण रूप ले लिया। आरोपी की सास की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास, ससुर सहित पांच के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। आरोपी के ससुर का कहना है कि घरेलू कलह के चलते संदीप ने उसकी बेटी को मारा है।

    गोहाना उपमंडल के गंगाना गांव में रहने वाले संदीप की शादी 12 साल पहले हंसा नाम की महिला के साथ हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं, लेकिन दोनों में कलह इतनी बढ़ गई कि संदीप ने अपनी पत्नी की घर पर ही तेजधार हथियार से गर्दन को काट दिया। मामले की जांच कर रहे बरोदा थाने के एसएचओ राजेश ने बताया कि हत्या के पीछे परिवारिक कलह को मु्ख्य कारण बताया जा रहा है।

    Reference: नवभारत टाइम्स, 02 मार्च 2020, पेज 7

  • छुट्टी नहीं मिलने से परेशान सिपाही ने खुद को गोली मारकर दे दी जान।

    छुट्टी नहीं मिलने से परेशान सिपाही ने खुद को गोली मारकर दे दी जान।

    मेरठ। पुलिस महकमे में अफसर से लेकर कर्मचारी तक के जान देने के मामले नहीं थम रहे। आत्महत्या का ताजा मामला शुक्रवार को बिजनौर जिले में सामने आया जब यहां तैनात एक सिपाही ने खुद को सर्विस राइफल से गोली मार दी जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह तनाव में था। यह भी सामने आ रहा है कि वह छुट्टी नहीं मिलने से परेशान था। हालांकि पुलिस अफसर उसके छुट्टी को लेकर कभी किसी तरह की शिकायत किए जाने से साफ इनकार कर रहे हैं।

    मारे गए सिपाही का नाम अंकुर राणा है। वह बागपत जनपद के गांव निरपुड़ा का रहने वाला था और 2015 के बैच से भर्ती हुआ था। एसपी बिजनौर संजीव त्यागी के मुताबिक मामला पहली नजर में आत्महत्या का दिख रहा है। अंकुर की ड्यूटी कलेक्ट्रेट में ईवीएम की सुरक्षा में लगी हुई थी। सुबह 8 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद उसने कलेक्ट्रेट के ही एक कमरे में जाकर खुद को गोली मार ली। बताया गया कि अंकुर की जगह सुशील ड्यूटी देने आया था। रात में अंकुर के साथ ड्यूटी पर अनुज और दीपक भी तैनात थे।

    अंकुर राणा ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारी है। जांच में सामने आया कि अंकुर ने घटना से कुछ समय पहले ही अपनी पत्नी से बात की थी। उसकी शादी इसी साल मार्च में हुई थी। शुक्रवार को उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। अंकुर के बड़े भाई पंकज राणा भी एसएसबी में तैनात हैं। एसपी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

    Reference: नवभारत टाइम्स, 17 अगस्त 2019, पेज 02

  • फरीदाबाद में DCP ने सिर में गोली मारकर दी जान।

    फरीदाबाद में DCP ने सिर में गोली मारकर दी जान।

    फरीदाबाद । एनआईटी जोन के डीसीपी विक्रम कपूर ने बुधवार सुबह पुलिस लाइन स्थित आवास में सिर में गोली मारकर जान दे दी। मौके से एक स्यूसाइड नोट मिला है, जिसके मुताबिक फरीदाबाद के भूपानी थाने के SHO अब्दुल शाहिद और एक कथित पत्रकार उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ की जा रही है कि दोनों आईपीएस कपूर को किस बात को लेकर ब्लैकमेल कर रहे थे। वारदात सुबह 5:45 बजे की है। उस समय डीसीपी की पत्नी बाथरूम में थीं, जबकि बेटा सो रहा था। गोली की आवाज सुनकर पत्नी बाहर निकलीं तो विक्रम को खून से लथपथ पाया। उन्होंने शोर मचाकर बेटे और गार्ड को बुलाया, तब तक डीसीपी की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि पिस्टल डीसीपी के सुरक्षाकर्मी की है। पोस्टमार्टम में गोली रीढ़ की हड्डी से मिली है।

    डीसीपी खुदकुशी केस की जांच करेगी SIT

    आईपीएस डीसीपी विक्रम कपूर ने बुधवार सुबह कथित रूप से ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। विक्रम कपूर के पास से एक सूइसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने भुपानी थाने के एसएचओ अब्दुल सईद व एक सिविलियन सतीश मलिक पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। पुलिस ने बुधवार को डीसीपी का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया था। हालांकि, पुलिस अभी यह साफ नहीं कर रही कि ब्लैकमेलिंग किस वजह से की जा रही थी।

    पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने गुरुवार को इस मामले में जांच के लिए एसीपी क्राइम अनिल यादव के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी में अनिल यादव के अलावा क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर विमल कुमार, 2 सब इंस्पेक्टर व 2 अन्य पुलिस कर्मी होंगे। आरोपित इंस्पेक्टर अब्दुल सईद को अरेस्ट कर लिया गया है। उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। इस मामले में दूसरे आरोपित सतीश मलिक की की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। गुरुवार को डीजीपी मनोज यादव डीसीपी विक्रम कपूर के सेक्टर-30 घर पहुंचे।

    Reference: नवभारत टाइम्स, 15-16 अगस्त 2019, पेज 01

  • इंस्पेक्टर समेत 25 पुलिस कर्मियों की सेवा समाप्त।

    इंस्पेक्टर समेत 25 पुलिस कर्मियों की सेवा समाप्त।

    बरेली। अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में रिटायर होने वाले दरोगा और इंस्पेक्टरों की डीआईजी ने सूची जारी कर दी है। एक इंस्पेक्टर और छह दरोगा, दो विशेष श्रेणी के दरोगा समेत 25 पुलिस वालों को रिटायर किया गया है। इनकी सूची शासन को भेज दी गई है। .

    डीआईजी राजेश पांडेय ने जिलों से आई रिपोर्ट के आधार पर बरेली के इंस्पेक्टर ब्रहमपाल सिंह, बदायूं के दरोगा नेमपाल सिंह, रोहिल हुसैन, विजयपाल सिंह, शाहजहांपुर से अशोक विश्वकर्मा, सतेंद्र कुमार मलिक ,दरोगा जय किशन को रिटायर किया है।.

    इन पुलिस वालों को किया जबरन रिटायर:
    बरेली में महेंद्र सिंह एसआई विशेष श्रेणी, शिव कुमार सिंह हेड कांस्टेबल, गंगाराम, नन्हकई लाल, अयूब खां, प्रीतम सिंह कांस्टेबल, बदायूं में हेड कांस्टेबल श्याम शरण, श्याम वीर सिंह, कांस्टेबल सरदार सिंह, अजब सिंह। शाहजहांपुर में विशेष श्रेणी एसआई नरेश पाल, हेड कांस्टेबल ओमवीर सिंह, कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, रविश चंद्र कटियार। पीलीभीत में हेड कांस्टेबल श्याम नारायण शर्मा, कांस्टेबल ग्रीश सिंह, राजकुमार सिंह, वीरेंद्र सिंह को जबरन रिटायर किया है।

    Reference:  हिन्दुस्तान 09 जुलाई 2019, पेज 06