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  • श्रद्धा वाकर मर्डर केस।

    श्रद्धा वाकर मर्डर केस।

    18 मई 2022 की रात में आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Ameen Poonawala) ने महारष्ट्र के पालघर जिले की रहने वाली श्रद्धा वाकर (Shraddha Walkar Murder case) की गला दबा कर हत्या कर दी थी, और उसके शव को 35 टुकड़ों में आरी और चापड़ से काट कर दिल्ली के अलग अलग जगहों पर फेंक दिया था।

    आफताब और श्रद्धा की मुलाकात डेटिंग साइट पर 2019 में हुई थी। दोनों यहां एक-दूसरे को डेट कर रहे थे, जब परिवार वालों ने रिश्ते पर ऐतराज जताया तो श्रद्धा ने घर छोड़ दिया। और वह आफताब के साथ लिव इन में रहने लगी। अप्रैल 2022 में दोनों दिल्ली में आ गए, जांच में सामने आया कि मर्डर से कुछ दिन पहले ही इन्होंने दिल्ली के छतरपुर इलाके में यह फ्लैट किराए पर लिया था, जहां श्रद्धा ने आफताब पर शादी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया, इस पर आफताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी। अगले दिन उसने अमेरिकी क्राईम ड्रामा सीरीज डेक्सटर से प्रेरणा लेकर एक आरी ओर 300 लीटर का रेफ्रिजरेटर खरीदा। 20 मई को उसने शव के 35 टुकड़े कर फ्रिज में रख दिया था। आफताब ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी और शैफ के तौर पर काम किया था और उसने मांस काटने की भी ट्रैनिग ली हुई थी। आफताब को मालूम था कि श्रद्धा इंस्टाग्राम (Instagram) पर सक्रिय रहती है इसलिए वह हत्या करने के बाद भी श्रद्धा का इंस्ट्रग्राम अकाउंट चलाता रहा। और उसके दोस्तों से चैटिग करता रहा ताकि किसी को इस पर शक न हो।

    श्रद्धा के पिता विकास वाकर (Vikas Walkar) ने पालघर पुलिस में शिकायत की, इसके बाद यह केस दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो जांच शुरू हुई। दिल्ली पुलिस ने आफताब के मोबाइल और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को जब्त कर लिया है, पीड़िता के पिता विकास वाकर ने आफताब को फांसी देने की मांग की है।

  • छावला गैंगरेप कांड (दिल्ली)

    छावला गैंगरेप कांड (दिल्ली)

    9 फरवरी 2012 को दिल्ली के छावला (Chhawala Gang Rape Case) इलाके से उत्तराखंड की 19 वर्षीय युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। युवती गुरुग्राम के साइबर सिटी इलाके में काम करती थी। उस रात वह अपने दफ्तर से कुतुब विहार स्थित अपने घर लौट रही थी। घर के पास से ही कार सवार तीन लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था तीन दिन बाद उसका शव हरियाणा के रेवाडी में मिला।

    पुलिस ने इस मामले में रवि कुमार, राहुल और विनोद को आरोपी बनाया था। इनके खिलाफ आईपीसी (Indian Penal Code) की धारा 376 (2), 302, 363 और 201 के तहत आरोप दर्ज किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने इस केस को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर (Rarest of the rare case) केस बताते हुए फांसी की मांग की थी।

    साल 2014 में निचली अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। आरोपियों की दया याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। 7 अप्रैल 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की सुनवाई करते हुए कहा था कि भावनाओं के आधार पर सजा नही दी जा सकती, सजा तर्क और सबुतों के आधार पर दी जाती है। 7 नवंबर 2022 को मुख्य न्यायधीश यूयू ललित , न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की पीठ ने तीनों आरोपियों कि बरी कर दिया। पीठ ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी, उनकी पहचान, आपत्तिजनक साम्रगियां मिलने, कार की पहचान, नमूने एकत्र करने, चिकित्सकीय और वैज्ञानिक साक्ष्य, डीएनए प्रोफाइलिंग रिपोर्ट, सीडीआर से संबंधित साक्ष्य आदि को अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट सबूतों के जरिये साबित नही किया।

  • क्या होता है डिजिटल रेप ?

    क्या होता है डिजिटल रेप ?

    डिजिटल शब्द को अक्सर लोग इंटरनेट से जोड़ते हैं। इसलिए ऐसा लगता है कि डिजिटल रेप (Digital Rape) का मतलब इंटरनेट के जरिए यौन उत्पीड़न हो सकता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।

    दरअसल, डिजिटल रेप दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें रेप का अर्थ “बलात्कार” है, और यह डिजिटल डिजिट से बना है, जिसका सामान्य अर्थ हम ‘अंक’ जानते हैं, अंग्रेजी में डिजिट का अर्थ शारीरिक अंग भी होता है। इस तरह से डिजिटल का मतलब अंग संबंधी हो जाता है। तो डिजिटल रेप का अर्थ है अगर कोई शख्स किसी महिला से सहमति के बगैर उसके प्राइवेट पार्ट्स को अपने हाथ की उंगलियों या पैर के अंगूठों से छेड़ता है, तो यह डिजिटल रेप कहलाता है। मतलब यह कि अगर कोई अपने डिजिट यानी कि अंग का इस्तेमाल करके किसी का यौन उत्पीड़न करता है तो यह डिजिटल रेप होता है।

    किसी भी आरोपी पर डिजिटल रेप का अपराध सिद्ध हो जाए तो उसे कम से कम 5 साल की सजा मिल सकती है। ज्यादा गंभीर मामला होने पर यह सजा 10 साल तक हो सकती है। अगर अपराध इससे भी ज्यादा जघन्य है, तो अपराधी को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। आपराधिक कानून संशोधन 2013 के जरिए आईपीसी में डिजिटल रेप को अपराध के तौर पर शामिल किया गया था। इसे निर्भया ऐक्ट भी कहा जाता है।

  • किरायेदार ने किया मासूम से डिजिटल रेप।

    किरायेदार ने किया मासूम से डिजिटल रेप।

    गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना (Indirapuram Police Station) क्षेत्र में शनिवार को किरायेदार के द्धारा डिजिटल रेप (Digital Rape) का मामला सामने आया है। एसपी ट्रांस हिंडन ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि थाना इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावटी में 6 वर्षीय मासूम पीड़िता अपनी मां, बहन और भाई के साथ किराए के मकान में रहती है। पीड़िता बच्ची के पिता का देहांत हो चुका है, मां एक निजी अस्पताल में नौकरी कर बच्चों का पालन पोषण करती है।

    शनिवार को बच्ची की मां रात की डयूटी पर गई हुई थी इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले 28 वर्षीय किरायेदार अजय उर्फ नरेश ने बच्ची को बहला फुसला कर छत पर ले जाकर डिजिटल दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। आरोपी अजय के खिलाफ लड़की की मां ने “डिजिटल बलात्कार” (पुरुष जननांग के अलावा शरीर के किसी अन्य हिस्से का उपयोग करके जबरन शील भंग) करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code)  की धारा 376AB (12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ यौन उत्पीड़न) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी अजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

  • “सोवा” नामक वायरस का बैकिंग सिस्टम पर अटैक।

    “सोवा” नामक वायरस का बैकिंग सिस्टम पर अटैक।

    नई दिल्ली। स्ट्रेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने अपने ग्राहकों को आगाह किया है कि सोवा (Sova Malware) नामक ऐप को अपने फोन में या सिस्टम में इंस्टॉल न करें। सोवा वायरस बैंकिग सिस्टम पर अटैक कर रहा है। इस ऐप के द्धारा हैकर व्यक्ति की पूरी जानकारी लेकर खाता खाली कर रहे है।

    एसबीआई ने अपने ग्राहकों से कहा है कि वो किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ओटीपी को और बैंकिग जानकारी को साझा न करें। क्योंकि साइबर अपराधी नित नये – नये तरीकों से साइबर फ्राड़ कर रहे है।

  • डासना जिला कारागार में रेडियो परवाज का शुभारंभ।

    डासना जिला कारागार में रेडियो परवाज का शुभारंभ।

    गाजियाबाद। गाजियाबाद की डासना जेल में रेडियों परवाज का शुभारंभ किया गया। समाज सेवी संस्था India Vision Foundation द्वारा HCL Foundation के सहयोग जिला कारागार गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में निरुद्ध बंदियों के ज्ञानवर्धन, व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उन्हे कानूनी अधिकारों / नियमों की जानकारी प्रदान किए जाने हेतु डासना जेल रेडियो (Radio Parwaz) का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्घाटन जेल अधीक्षक श्री आलोक सिंह, HCL Foundation एवं India Vision Foundation प्रतिनिधियों द्वारा किया गया तथा डासना जेल रेडियो के माध्यम से बंदियों को संबोधित भी किया गया।

  • वर्चुअल पोस्टमॉर्टम

    वर्चुअल पोस्टमॉर्टम

    वर्चुअल पोस्टमॉर्टम सामान्य पोस्टमॉर्टम से काफी ज़्यादा अलग होता है। वर्चुअल पोस्टमॉर्टम (Vertual PostMortem) में डेड बॉडी पर डॉक्टर कोई कट या चीरा नहीं लगाते है। बिना पार्थिव शरीर को छुए पूरी बॉडी स्कैन की जाती है। डॉक्टर की टीम बड़ी स्क्रीन पर बैठकर छोटी -छोटी जानकारियों के बारे में जांच पड़ताल करती हैं। मौत के कारण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करती है ताकि जरुरत पड़ने पर जानकारी दी जा सकें।

    कामेडियन किंग राजू श्रीवास्तव (Raju Srivastava) की डेड बॉडी का परिवार वालों की मांग पर वर्चुअल पोस्टमॉर्टम किया गया। भारत ही नही पूरे साउथ एशिया में पहली बार किसी शव का वर्चुअल पोस्टमॉर्टम हुआ है। एम्स (AIIMS, Delhi) में राजू श्रीवास्तव के शव का वर्चुअल पोस्टमॉर्टम किया गया।

  • मोहाली एमएमएस कांड़ (चंडीगढ़)।

    मोहाली एमएमएस कांड़ (चंडीगढ़)।

    चंड़ीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) मोहाली हॉस्टल में एक लड़की ने अपने हॉस्टल में ही रहने वाली कुछ लड़कियों के  आपत्तिजनक वीडियो (MMS) बनायें और उन वीडियोज को शिमला में रहने वाले अपने किसी परिचित लड़के को भेज दिया। उस लड़के ने उन वीडियोज को वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद आठ लड़कियों ने आत्महत्या की कोशिश की।

    एसएसपी विवेक शील सोनी ने बताया कि आरोपी छात्रा का मोबाइल फोन फॉरेसिंक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। भारतीय दंड संहिता की धारा- 354 सी और सूचना प्रौधोगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मीडिया की ख़बरों के मुताबिक लगभग साठ लड़कियों का वीडियो वायरल हुआ है। घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें आरोपी लड़की से वार्डन सवाल पूछ रही है कि क्यों भेजा वीडियो? इस सवाल का कोई ठीक जवाब लड़की नहीं दे पा रही है। वीडियो के वायरल होने की खबर के बाद छात्रों ने यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसके बाद से वहां पुलिस तैनात की गई है।

  • श्रीकांत त्यागी  केस (नोएड़ा)

    श्रीकांत त्यागी केस (नोएड़ा)

    नोएड़ा सेक्टर 93-बी की ओमैक्स ग्रैंड सोसायटी (Omax Grand Society) में एक महिला ने नियमों के विरुद्ध पेड़ लगाने पर आपत्ति की थी। महिला ने पौधे लगाकर जमीन कब्जाने का आरोप भी लगाया था। इसी दौरान श्रीकांत त्यागी (Shrikant Tyagi) ने महिला के साथ गाली गलौच की और महिला को धक्का भी दिया था, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ था। सासंद महेश शर्मा (Mahesh Sharma) की पहल पर पुलिस ने ऐक्शन लिया था, और श्रीकांत के फ्लैट के अवैध अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया गया था।

    गौतमबुद्ध नगर फेस 2 की थाना पुलिस ने आरोपी श्रीकांत की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था, सोसाइटी के अंदर बवाल करने के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी का धारा 147, 447, 504, 506, 323, 419, 34, 120B, 332 353 और आपराधिक कानून अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत केस दर्ज किये गये थे।

    9 अगस्त 2022 को पुलिस ने श्रीकांत त्यागी को मेरठ परतापुर से गिरफ्तार दिखाया था। मीडिया में छाने के बाद और त्यागी समाज से जुड़ने के बाद इस केस का राजनीतिकरण हो गया था। मुजफ्फरनगर जिले के कुतुबपुर गांव के निवासी किसान नेता मांगेराम त्यागी का सासंद महेश शर्मा के साथ बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया मे वायरल हो गया था।