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  • गाजियाबाद एलिवेटेड रोड़ पर इन वाहनों पर लगा प्रतिबंध ।

    गाजियाबाद एलिवेटेड रोड़ पर इन वाहनों पर लगा प्रतिबंध ।

    गाजियाबाद। यातायात पुलिस कमिश्नरेट (Police Commissionerate Ghaziabad) गाजियाबाद की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है कि 10 जनवरी 2024 से गाजियाबाद एलिवेटेड रोड़ पर तांगा, बैलगाडी, ऑटो, ई-रिक्शा, ट्रैक्टर ट्रॉली, साइकिल जैसे वाहन अब यहां नहीं चल सकेंगे।

    गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन एलिवेटेड ( Ghaziabad Rajnagar Elevated Road) रोड पर बढ़ रहे हादसों पर लगाम लगाने के लिए यह आदेश जारी किया गया है। एलिवेटेड रोड पर अगर कोई इन्हें चलाता पाया गया तो उसे 20 हज़ार रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। एलिवेटेड रोड की एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी के साथ-साथ पुलिस गश्त करके भी नजर रखेगी। हैड कास्टेबल अंकित कुमार यादव ने बताया कि 10 जनवरी से नया नियम लागू हो गया है। तीन चार दिन से हम लोगों को बता रहे है और जगह जगह बोर्ड भी लगा दिये है, ताकि वे इस रोड पर प्रतिबंधित वाहन न लाएं।

  • डीवाई चंद्रचूड, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया

    डीवाई चंद्रचूड, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया

    डीवाई चंद्रचूड, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया

  • 1.25 लाख का इनामी मुठभेड़ में ढेर।

    1.25 लाख का इनामी मुठभेड़ में ढेर।

    झांसी। उत्तर प्रदेश के कानपुर के चर्चित पिंटू सेंगर हत्याकांड़ (Pintu Sengar Murder Case) का मुख्य शूटर इनामी राशिद शनिवार को एसटीएफ के साथ एनकाउटंर में ढेर हो गया। उस पर 1.25 लाख का इनाम था।

    एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, उन्हे सूचना मिली थी कि राशिद कालिया मउरानीपुर में किसी की हत्या करने आ रहा है। पुलिस ने प्रमुख रास्तों की घेराबंदी कर दी, मध्यप्रदेश की सीमा के कच्चे रास्ते से झांसी खजुराहों राजमार्ग के सितौरा मोड़ पर राशिद आता दिखा। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो उसने पुलिस पर फायरिंग पर दिया। पुलिस ने क्रॉस फायरिंग की जिसमें वह जख्मी हो गया, सीएचसी मउरानीपुर लाने पर उसे मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

    एसएसपी राजेश एस के मुताबिक, राशिद कानपुर के चकेरी थाना के चिश्ती नगर का रहने वाला था। उस पर कानपुर और झांसी पुलिस ने 1.25 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।

  • भारत की पहली मूक बधिर वकील।

    भारत की पहली मूक बधिर वकील।

    नई दिल्ली। बेगंलूरु के सेंट स्टीफन कॉलेज ऑफ लॉ से एलएलबी करने के बाद सारा सनी (Sarah Sunny) देश की पहली मूक बधिर वकील (Deaf and Mute Lawyer ) बन गई है। सारा सनी सुप्रीम कोर्ट में प्रौक्टस कर रही है । सारा बचपन से ही सुन बोल नही सकती थी।

    22 सितंबर 2023 को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने विकलांग व्यक्तियों (PWD) के अधिकारों से संबंधित एक मामले में सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर सौरव रॉय चौधरी के माध्यम से वकील सारा सनी की सुनवाई की, मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने इंटरप्रेटर की स्पीड की तारीफ भी की। सारा की ओर से पेश एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (एओआर) संचिता ऐन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ से अपील की थी कि दुभाषिया को अनुमति दी जाए ताकि सारा सनी कोर्ट की कार्यवाही को समझ सकें। इसके बाद पूरे दिन कोर्ट रूम में दुभाषिये सौरभ रॉय चौधरी ने सांकेतिक भाषा के जरिए सारा को कार्यवाही समझाई।

    सारा सनी का कहना है:

    सारा सनी ने कहा कि वह संवैधानिक कानून, विकलांगता कानून और मानवाधिकार कानून की बेहतर समझ हासिल करना चाहती हैं, ताकि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रोत्साहित और प्रेरित कर सकें। मैं उन अन्य लोगों के लिए एक आदर्श बनना चाहती हूं जो विशेष रूप से असक्षम हैं।

  • दिल्ली की ज्वैलरी शॉप में सबसे बड़ी चोरी।

    दिल्ली की ज्वैलरी शॉप में सबसे बड़ी चोरी।

    24 सितंबर 2023 रविवार की रात दिल्ली के भोगल इलाके की उमराव सिंह ज्वैलरी (Umrao Singh Jeweler) की दुकान में लगभग 25 करोड़ (Delhi’s biggest 25 Crore theft) की चोरी हो गई। रविवार को दुकान के मालिक रात में दुकान बंद करके गए, सोमवार को छुट्टी रहती है मंगलवार को आकर देखा तो चोरी का पता चला।

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, रविवार की रात में पहले शोरुम की लाइट काट दी, अलॉर्म को भी बंद कर दिया गया और सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त किया गया था फिर ज्वैलकी शॉप के लॉकर रुम की दीवार में छेद कर चोरी को अंजाम दिया गया। चोरों ने लॉकरों को तोड़ कर और शोरुम में रखें हीरें, जवाहरात और सोनें के जेवरातों के साथ कैश पर भी हाथ साफ किया।  यह शोरुम चार मंजिला एक बिल्डिग में है। चोरों के छत से शोरुम में घुसने की बात सामने आई थी।

    चोरी का खुलासा कैसे हुआ।

    27 सितंबर को छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग इलाके की पुलिस अपने यहां हुई चोरी की वारदात के मामले मे तफतीश कर रही थी तभी उन्हे एक मोस्टवांटेड चोर लोकेश राव पकड में आया। क्राइम ब्रांच की पूछताछ में लोकेश राव ने दिल्ली में हुई चोरी की घटना की जानकारी दी और बताया कि इस चोरी को लोकेश श्रीवाश (Lokesh Srivas a master thief) ने अंजाम दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संर्पक कर लोकेश श्रीवाश के बारे में जानकारी दी।

    दिल्ली पुलिस को पूछताछ में लोकेश श्रीवाश ने बताया कि दिल्ली की उमराव शॉप में चोरी उसने अकेले की है। सबसे पहले उसने उस इलाके की रैकी की थी और सारी जानकारी लेने के बाद रविवार की रात में शोरुम के बराबर की बिल्डिंग की छत पर जाकर ज्वैलरी शॉप की छत से शोरुम में दाखिल हुआ और कटर और ड्रील मशीन की मदद से दीवार काटकर और लॉकर तोड़कर सभी सामान एक बैग में लेकर सोमवार रात 7 बजे के आसपास आईएसबीटी से बस द्दारा छत्तीसगढ़ पहुंचा था।  उसने बताया कि वह जहां रहता था वहां चोरी नही करता था दूसरे शहरों में चोरी की घटना अकेले ही करता था ताकि पुलिस की पकड़ में न आ पायें। पुलिस ने आरोपी की औपचारिक गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड के लिए मंगलवार को एक आवेदन दायर किया, एक अधिकारी ने कहा है क‍ि आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट, रायपुर के सामने पेश किया गया और अदालत ने लोकेश की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दिल्ली पुलिस को दे दी।

  • हापुड़ पुलिस-वकील विवाद

    हापुड़ पुलिस-वकील विवाद

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले का 25 अगस्त 2023 शुक्रवार को महिला अधिवक्ता और एक पुलिस कर्मी के बीच विवाद का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें महिला अधिवक्ता के द्धारा पुलिसकर्मी की नेमप्लेट नोचनें की बात आई थी। हापुड़ पुलिस ने महिला अधिवक्ता और तीन अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 29 अगस्त 2023 मंगलवार को वकील शांतिपूर्ण तरीके से हापुड़ कोतवाली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, विवाद बढता देख पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को तितर बितर कर दिया था। जिसमें कई वकील चोटिल हो गए थे। वकीलों की मांग थी कि दोषी पुलिस वालों पर कार्यवाही की जायें।

    वकीलों ने पुलिस पर दबाब बनाने के लिए हडताल कर दी, तो दूसरी तरफ पुलिस ने वकीलों पर मुकदमें दर्ज कर दिये। इस घटना को लेकर प्रदेश भर के वकील हडताल पर रहे और  जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा। मुख्यमंत्री ने जांच के लिए एक एसआईटी का गठन भी किया था। हापुड़ जिले में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में कई पुलिस अफसरों पर गाज गिरी थी।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अपनी कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर सतेन्द्र प्रकाश और सीओ हापुड अशोक सिसोदिया समेत 50 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया। इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 , 323 , 504, 506 , 308, 354 , 392 में मुकदमा दर्ज हुआ। बरेली जिले के अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रहे राजकुमार को अपर पुलिस अधीक्षक हापुड़ बनाया गया । एसीपी हापुड़ रहे मुकेश चंद्र मिश्र को अपर पुलिस अधीक्षक बरेली ग्रामीण की जिम्मेदारी सौंपी गई। अशोक कुमार सिसौदिया की पुलिस उपाधीक्षक सहारनपुर के पद पर नियुक्ति की गई था। वहीं सहारनपुर के पुलिस उपाधीक्षक पद पर तैनात रहे जितेंद्र कुमार शर्मा को पुलिस उपाधीक्षक हापुड़ बनाया गया। मुख्य सचिव समेत उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की थी।

  • भारत सरकार द्धारा आपातकालीन अलर्ट सेवा का परिक्षण।

    भारत सरकार द्धारा आपातकालीन अलर्ट सेवा का परिक्षण।

    नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने 15 सितंबर 2023 को स्मार्टफोन उपभोक्ताओं के फोन पर आपातकालीन चेतावनी प्रणाली (Emergency Alert Service) का परीक्षण करने के लिए एक अलर्ट भेजा गया था, संदेश ने लोगो को चौका दिया था। उपभोक्ता के मोबाईल पर तेज बीप से साथ एक फ्लैश संदेश प्राप्त हुआ था। यह संदेश हिन्दी और अंग्रेजी में भेजा गया था। संदेश में लिखा था कि:

    “यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunication) द्धारा सेल ब्रॉडकास्टिगं सिस्टम के माध्यम से भेजा गया एक नमूना परीक्षण संदेश है। कृपया इस संदेश पर ध्यान न दें क्योंकि इस पर आपकी ओर से किसी कार्यवाही की आवश्यकता नही है । यह संदेश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) द्धारा कार्यान्वित किए जा रहे अखिल भारतीय आपात अलर्ट सिस्टम को जांचने हेतु भेजा गया है। इस सिस्टम का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा बढाना और आपात स्थिति के दौरान समय पर अलर्ट प्रदान करना है।”

    आपातकालीन अलर्ट सेवा (Emergency Alert Service) एक सुरक्षा और सूचना सेवा होती है जो लोगों को असमयिक आपातकालीन स्थितियों में सतर्क करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य जनता को तुरंत सूचित करना होता है जब किसी आपातकालीन घटना या स्थिति का सामना करना पड़ता है, जैसे कि प्राकृतिक आपदाओं, आतंकवादी हमलों, या अन्य सुरक्षा संबंधित घटनाओं के समय। आपातकालीन अलर्ट सेवाएँ (common alerting protocol) सामाजिक संज्ञान और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण होती हैं, और इन्हें सरकार या संबंधित संगठनें प्राप्त करके प्रसारित करती हैं। इसके तहत, जनता को सुरक्षा और सुरक्षितता के मामले में अवगत रहने का अवसर मिलता है, ताकि वे समय पर सुरक्षित रह सकें और सहायता पहुँचा सकें।

    आपातकालीन अलर्ट सेवाएँ अक्सर वायरलेस इमर्जेंसी अलर्ट सिस्टम (Wireless Emergency Alert System) या सामाजिक माध्यमों, जैसे कि रेडियो, टेलीविजन, स्मार्टफोन ऐप्स, और अन्य साधनों का सहारा लेती हैं। इन्हें समाचार और सरकारी संगठनों के द्वारा प्रसारित किया जाता है ताकि आपात्कालीन समय में लोग सुरक्षित रह सकें और उन्हें आवश्यक सहायता मिल सकें।

  • सुप्रीम कोर्ट के केस का ब्यौरा एक क्लिक पर आप देख सकते है।

    सुप्रीम कोर्ट के केस का ब्यौरा एक क्लिक पर आप देख सकते है।

    नई दिल्ली। एनजेडीजी पोर्टल (National Judicial Data Grid) पर देश की अदालतों में लंबित और निपटाए गए मामलों से संबधित जानकारी देख सकते है। इस पोर्टल को एनआईसी और सुप्रीम कोर्ट की इन हाउस टीम ने विकसित किया है।

    मुख्य न्यायाधीश डी.वाई.चंद्रचूड़ जी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आंकड़ों को एनजेडीजी (NJDG portal) से जोडें जाने के पीछे का लक्ष्य न्यायिक प्रणाली के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही बढाना है। यह पोर्टल लंबित और निपटाए गए मामलों से संबंधित डाटा का एक राष्टीय भंडार है।

    इस पोर्टल पर जिला एंव सत्र न्यायालय District and Session Court) हाईकोर्ट ऑफ इंडिया (High Courts) और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के तमाम केसों की वास्तविक स्थिति को देख सकते है –

    https://njdg.ecourts.gov.in
  • सफल अशिक्षित बंदियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये।

    सफल अशिक्षित बंदियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये।

    जिला कारागार बुलंदशहर में निरूद्ध अशिक्षित बंदियों को शिक्षित किये जाने उद्देश्य से शिव नाडर फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश द्वारा कारागार में संचलित प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र में शिक्षा प्राप्त कर रहे छठें एवं सातवें बैच के सफल अशिक्षित बंदी छात्रों को दिनांक 19.01.2023 को शिव नाड़र फाउंडेशन संस्था के वरिष्ठ परियोजन प्रबन्धक श्री ललितेन्द्र भारतीय, सीनियर रिसोर्स को-ऑर्डिनैटर श्री शैलेन्द्र यादव एवं श्री रामलखन शुक्ला द्वारा बंदियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये।