Category: चोरी

  • दिल्ली की ज्वैलरी शॉप में सबसे बड़ी चोरी।

    दिल्ली की ज्वैलरी शॉप में सबसे बड़ी चोरी।

    24 सितंबर 2023 रविवार की रात दिल्ली के भोगल इलाके की उमराव सिंह ज्वैलरी (Umrao Singh Jeweler) की दुकान में लगभग 25 करोड़ (Delhi’s biggest 25 Crore theft) की चोरी हो गई। रविवार को दुकान के मालिक रात में दुकान बंद करके गए, सोमवार को छुट्टी रहती है मंगलवार को आकर देखा तो चोरी का पता चला।

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, रविवार की रात में पहले शोरुम की लाइट काट दी, अलॉर्म को भी बंद कर दिया गया और सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त किया गया था फिर ज्वैलकी शॉप के लॉकर रुम की दीवार में छेद कर चोरी को अंजाम दिया गया। चोरों ने लॉकरों को तोड़ कर और शोरुम में रखें हीरें, जवाहरात और सोनें के जेवरातों के साथ कैश पर भी हाथ साफ किया।  यह शोरुम चार मंजिला एक बिल्डिग में है। चोरों के छत से शोरुम में घुसने की बात सामने आई थी।

    चोरी का खुलासा कैसे हुआ।

    27 सितंबर को छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग इलाके की पुलिस अपने यहां हुई चोरी की वारदात के मामले मे तफतीश कर रही थी तभी उन्हे एक मोस्टवांटेड चोर लोकेश राव पकड में आया। क्राइम ब्रांच की पूछताछ में लोकेश राव ने दिल्ली में हुई चोरी की घटना की जानकारी दी और बताया कि इस चोरी को लोकेश श्रीवाश (Lokesh Srivas a master thief) ने अंजाम दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संर्पक कर लोकेश श्रीवाश के बारे में जानकारी दी।

    दिल्ली पुलिस को पूछताछ में लोकेश श्रीवाश ने बताया कि दिल्ली की उमराव शॉप में चोरी उसने अकेले की है। सबसे पहले उसने उस इलाके की रैकी की थी और सारी जानकारी लेने के बाद रविवार की रात में शोरुम के बराबर की बिल्डिंग की छत पर जाकर ज्वैलरी शॉप की छत से शोरुम में दाखिल हुआ और कटर और ड्रील मशीन की मदद से दीवार काटकर और लॉकर तोड़कर सभी सामान एक बैग में लेकर सोमवार रात 7 बजे के आसपास आईएसबीटी से बस द्दारा छत्तीसगढ़ पहुंचा था।  उसने बताया कि वह जहां रहता था वहां चोरी नही करता था दूसरे शहरों में चोरी की घटना अकेले ही करता था ताकि पुलिस की पकड़ में न आ पायें। पुलिस ने आरोपी की औपचारिक गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड के लिए मंगलवार को एक आवेदन दायर किया, एक अधिकारी ने कहा है क‍ि आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट, रायपुर के सामने पेश किया गया और अदालत ने लोकेश की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दिल्ली पुलिस को दे दी।

  • चोरी के ट्रकों को रजिस्टर्ड करवा कर चलवाता था, गिरफ्तार।

    चोरी के ट्रकों को रजिस्टर्ड करवा कर चलवाता था, गिरफ्तार।

    गाजियाबाद। पुराने वाहन खरीदनें वाले लोग सावधान हो जाये, गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह को गिरफ्तार किया है जो चोरी के वाहनों को फर्जी तरीके से रजिस्टर्ड करवा कर सड़कों पर चलवाता था।

    एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने बताया कि टीम ने 32 ट्रकों के साथ एक गैंग को गिरफ्तार किया था, इसके बाद चंद्रमोहन उर्फ भोला और उसके बेटे अरुण को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 9 फर्जी आरसी, 10 परमिट और कई आरटीओ की मुहर बरामद की गई है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह यह काम पिछले 15 साल से कर रहा है, और वह 10वीं क्लास तक पढ़ा है। इस कार्य के लिए वह एक वाहन के 30 से 40 हजार रुपये तक लेता है। उसका नेटवर्क पंजाब से लेकर नागालैंड तक फैला है, उसके द्धारा रजिस्टर्ड वाहन की जानकारी वेबसाइट पर भी मिल जाती है।