मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis wife Amruta Fadnavis) की पत्नी अमृता फडणवीस के द्वारा मीडिया में किए गए दावों से सियासत गरमा गई है।
सत्तारूढ़ सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होने कहा कि मुंबई में होने वाले कुल तलाकों मे से 3 प्रतिशत यहां लगने वाले जाम की वजह से होते है। कैंसर दिवस पर बीजेपी की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आई अमृता फडणवीस ने कहा कि मुंबई में भारी ट्रैफिक जाम (Traffic Jams) में फंसने की वजह से लोग अपने परिवार को समय नहीं दे पाते हैं। मुंबई में कई ऐसे मुद्दे हैं जहां सरकार ध्यान नहीं दे रही।
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ट्रैफिक जाम है मुबंई मे तलाक की वजह : अमृता फडणवीस
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प्रेम संबंधों में सेक्स बलात्कार नहीः कोर्ट
मुंबई। बंबई उच्च न्यायलय ने बलात्कार के एक आरोपी को रिहा करते हुए कहा है कि प्रेम संबंधों में यदि लड़की स्वेच्छा से सहमति देकर यौन संबंध बनाती है तो यह बलात्कार नही कहा जा सकता। न्यायमूर्ति साधना जाधव ने 39 वर्षीय महेश कोटियाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे बलात्कार के आरोप से मुक्त कर दिया।
न्यायधीश ने कहा कि शिकायकर्ता पढ़ी लिखी और वयस्क है। याचिकाकर्ता ने उसे विवाह का प्रस्ताव दिया था, वह यह बात अच्छी तरह से जानती थी कि आरोपी उसकी और आकर्षित है, उसने उसका जन्मदिन मनाने के लिए उसके साथ होटल में जाना स्वीकार किया। वह इसके परिणामों से भी वाफिक थी। वह मदद के लिए चिल्लाई नही और न ही उसने विरोध किया। न्यायमूर्ति जाधव ने कहा कि यह कहना उचित नही होगा कि डरा धमका कर लड़की की सहमति हासिल की गई। इन परिस्थितियों में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामला नही बनता। लड़की ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया है कि आरोपी के साथ उसके प्रेम संबंध थे और वह उससे शादी करना चाहती थी। अदालत ने कहा “ ऐसा नही कहा जा सकता कि आरोपी ने विवाह का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाए। वह उससे विवाह करना चाहता था। आरोपी शादीशुदा था।
शिकायतकर्ता ने भी बताया है कि याचिकाकर्ता ने उसे भरोसा दिलाया था कि वह अपनी पहली पत्नी से तलाक लेने के बाद उससे विवाह करेगा। लड़की ने अपनी मां को चार महीने तक नही बताया कि वह गर्भवती है उसने अगस्त 2010 में एक बच्ची को जन्म दिया। 27 मई 2010 को प्राथमिकी दर्ज की गई और याचिकाकर्ता उसी समय से हिरासत में था। उसने बच्ची का पिता होने की बात कभी अस्वीकार भी नही की। अदालत ने आईपीसी की धारा 147 के तहत धोखाधड़ी से जुर्म में उसकी एक साल की सजा बरकरार रखी क्योंकि उसने लड़की से अपने पहले से ही विवाहित होने और अदालत में तलाक की कार्यवाही चलने की बात छुपाकर रखी थी।Reference: राष्ट्रीय सहारा, 13 जुलाई 2013, पेज 01
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पुलिस चौकी पर कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या।
बड़ौत। शनिवार मध्य रात्रि के बाद अज्ञात बदमाशों दिल्ली सहारनपुर रोड स्थित औद्योगिक पुलिस चौकी पर निगरानी कर रहे कांस्टेबल विक्रम सिंह भाटी (56) की गोली मार दी।
चौकी प्रभारी ने कोतवाली थाने मे अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। रात करीब ढाई बजे फैटंम मोबाईल पर गश्त कर रहे कांस्टेबल सौदान सिंह व ओमपाल पुलिस चौकी पहुंचे तो वहां भीतर कांस्टेबल विक्रम सिंह जमीन पर लहूलुहान पड़ा था। कांस्टेबल की वर्दी फटी हुई थी और उसका कृत्रिम दांत दूर पड़ा था। अनुमान लगाया जाता है कि कांस्टेबल ने हमलावरों के साथ जमकर संघर्ष किया होगा। खून से लथपथ कांस्टेबल को उसके साथी पुलिसकर्मा पास के नर्सिग होम ले गए, जहां उन्हे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार कांस्टेबल के सीने में लगी गोली आर पार हो गई जिससे उसकी मौत हो गई। एसपी राजूबाबू, एएसपी सुनील कुमार, सीओ घनश्याम सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और मामले की जानकारी ली। आरोप है कि कांस्टेबल विक्रम सिहं की हत्या पुलिस विभाग की लापरवाही का नतीजा है।Reference: नेशनल दुनिया, 22 जुलाई 2013, पेज 07
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लीगल टेररिजम बन गया है दहेज कानून।
नई दिल्ली। अडिशनल सेशन जज कामिनी लॉ ने कहा है कि सेक्शन 498ए (दहेज उत्पीड़न) उगाही, करप्शन और मानवाधिकार के उल्लंघन का जरिया बन गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इसे कानूनी आतंकावाद (लीगल टेररिजम) की संज्ञा देते हुए कहा था कि इसका दुरुप्रयोग हो रहा है। ये कानून बदला लेने और वसूली के लिए नही, गलत लोगों को सजा दिलाने के लिए है। कई बार पीडिता तथ्यों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करती है। इससे जिन लोगों का कोई लेना नही होता, उन्हे भी आरोपी बना दिया जाता है। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला शादी के बाद 12 दिन ससुराल में रही और इस दौरान उसने सभी को फंसाने की कोशिश की, उसने देवर की महिला दोस्त को भी नही छोड़ा, भला देवर की दोस्त दहेज के लिए कैसे इंट्रेस्टे़ड हो सकती है।
Reference: नवभारत टाइम्स, 12 जून 2013, पेज 01 -

महाराष्ट्र पुलिस के अफसरों का सैलरी अकाउंट हैक
मुबंई। इंटरनैशनल हैकर्स अब पुलिस के अकाउंट में भी सेंध लगाने लगे है। उन्होने महाराष्ट्र पुलिस के कई अफसरों के सैलरी अकाउंट का कैश निकाल लिया। खास बात यह है कि यह मनी ग्रीस में निकाली गई है।
पुलिस प्रवक्ता डीसीपी सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होने बताया कि एक्सिस बैंक के पास करीब 30 शिकायते आई है इनमें सात से आठ महाराष्ट्र पुलिस के अफसरों की है। अब तक करीब 13 लाख रुपये की चीटिंग की बात सामने आई है। साइबर सेल के एक अधिकारी ने एनबीटी को बताया कि हमें इस मामलें की जांच करने को कहा गया है। साइबर सेल के अलावा जांच को मुंबई पुलिस की एक विशेष टीम बनाई जा रही है।Reference: नवभारत टाइम्स, 15 जून 2013, पेज 14